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ED कर सकता हैं राबर्ट वाड्रा को गिरफ्तार, जांच में नही कर रहे हैं मदद?

ED कर सकता हैं राबर्ट वाड्रा को गिरफ्तार, जांच में नही कर रहे हैं मदद?
जमीन घोटाले, डिफेंस डील घोटाले के बाद अब प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का नाम यूपीए सरकार के दौरान पेट्रोलियम घोटाले में दलाली खाने से भी जुड़ गया है। कल ही वाड्रा की पेशी हुई है। इसी केस में बुधवार को साढ़े 5 घण्टे तक पूछताछ हुई, गुरुवार को 9 घण्टे तक पूछताछ हुई। शनिवार को फिर इसी केस में पूछताछ होगी। ED अफसरों का कहना है कि जांच में मदद नहीं कर रहे वाड्रा, कोर्ट से कर सकती है गिरफ्तारी की मांग।

ईडी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यूपीए सरकार के दौरान साल 2009 में जो पेट्रोलियम डील हुई थी उसमें जिन लोगों को दलाली मिली थी उनमें वाड्रा की कंपनी का भी नाम शामिल है। इस संदर्भ में इंग्लैंड की कंपनी सैंटेक इंटरनेशनल अब जांच के घेरे में है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यूपीए सरकार के दौरान पेट्रोलियम डील पक्की होते ही पर हस्ताक्षर होते ही सैंटेक कंपनी को दलाली के पैसे मिले थे।उच्चस्तरीय सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि स्काईलाइट कंपनी को पेट्रोलियम डील के बदले 1.9 मिलियन पाउंड की दलाली मिली थी। ये पैसे दुबई की मुद्रा में साल 2010 में दिए गए थे।

सबसे पहले दलाली के पैसे वाड्रा के नजदीकी सहयोगी संजय भंडारी की कंपनी सैंटेक इंटरनेशनल में भेजे गए। उसी पैसे से सैंटेक ने लंदन स्थित वोर्टेक्स नाम की निजी कंपनी से 12 ब्रेंस्टोन मैंसन खरीदा था। बाद में उसी वोर्टेक्स कंपनी के सारे शेयर एनआरआई व्यवसायी सी थंपनी ने वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट को ट्रांसफर कर दिए। ईडी को अंदेशा है कि 12 ब्रेंस्टोन मैंसन समेत लंदन में छह फ्लैट इसी दलाली के पैसे से खरीदे गए। सूत्रों का कहना है कि वाड्रा पास कई संपत्तियां हैं। जिनमें 1.9 मिलियन पाउंड की प्रॉपर्टी के साथ-साथ 4 मिलियन पाउंड तथा 5 मिलियन पाउंड की दो अन्य संपत्तियां हैं। इसके अलावा छह अन्य फ्लैट्स भी शामिल हैं। ये सारी संपत्तियां लंदन में हैं। ईडी को संदेह है कि ये सारी संपत्तियां वाड्रा और उनके सहयोगियों से जुड़ी हुई है।

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