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पत्नी ने फाड़ा तीन तलाक का पेपर, बोली यह सब नही चलेगा अब, सजा के डर से दुबारा बसा घर

पत्नी ने फाड़ा तीन तलाक का पेपर, बोली यह सब नही चलेगा अब, सजा के डर से दुबारा बसा घर
तीन तलाक कानून को कड़ी सजाओ के साथ अपराध घोषित किये जाने का असर अब नजर आने लगा है। मुस्लिम महिलाओं के घर जहाँ अब टूटने से बच रहे है तो वही टूटे घर दुबारा बसने लगे है। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को मुरादाबाद में सामने आया जिसमे 26 साल पुराना घर टूटने से बच गया। पति ने पत्नी को कागज पर तलाक लिखकर दिया था लेकिन नारी उत्थान केंद्र में पुलिसकर्मियों के सामने ही पत्नी ने कागज फाड़ दिया और कहा कि अब यह नहीं चलेगा।

नारी उत्थान केंद्र की काउंसलर रितु नारंग के मुताबिक, रामपुर की पीड़ित महिला का निकाह 26 साल पहले कटघर थानाक्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से हुआ था। दोनो के तीन बच्चे हैं। पति उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। 11 साल पहले भी उसने पुलिस से शिकायत भी की थी। उस वक्त दोनों परिवारों ने दंपती में समझौता करवा दिया था।

महिला का आरोप है कि पति ने उस दोबारा प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। बीती एक जुलाई को उसके पति और सास ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था। महिला ने ससुराल वालों से गुहार लगाई लेकिन वह उसे घर पर रखने के लिए राजी नहीं थे। महिला ने बताया कि पति ने उसे तीन तलाक देने की धमकी दे दी थी। कागज पर एक बार तलाक लिख कर दिया था।

उसने मामले की शिकायत महिला ने एसएसपी से की। जिसके बाद मामले को नारी उत्थान केंद्र में काउंसलिंग के लिए भेजा गया। यहां पर मंगलवार को काउंसर रितु नारंग और नारी उत्थान केंद्र की प्रभारी संध्या रावत ने दोनों के बुलाया। सबके सामने ही पत्नी ने यह कागज फाड़ते हुए कहा कि अब यह नहीं चलेगा। बीवी के इस तेवर से शौहर के होश गुम हो गए और वह उसे साथ रखने को राजी हो गया।

काउंसलर और केन्द्र प्रभारी ने भी इस महिला के पति को समझाया। काउंसलिंग के बाद पति पत्नी के बीच सुलह हो गई और दोनों एक साथ रहने को राजी हो गए। केंद्र ने यह भी शर्त भी रख दी है कि ससुराल में महिला के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा। इससे पहले सहारनपुर में मोहम्मद अली ने कानून के डर से अपनी पत्नी को अपना लिया था।

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