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ढेर किए आतंकी तो दूसरों की भी बचाई जान, राष्ट्रपति ने यूं किया इन जवानों की बहादुरी को सलाम

ढेर किए आतंकी तो दूसरों की भी बचाई जान, राष्ट्रपति ने यूं किया इन जवानों की बहादुरी को सलाम
गुरुवार (14 मार्च) को राष्ट्रपति भवन में एक समारोह के दौरान देश की रक्षा और लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले सैनिक राम नाथ कोविंद द्वारा सम्मानित किए। ये वो वीर जवान हैं जिन्होंने देश और देशवासियों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि इन सैनिकों ने साल 2017 और 2018 में घाटी में तमाम दफा आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम कर उन्हें मार गिराया। अपने कौशल का परिचय देते हुए इन वीरों ने घाटी में रह रहे लोगों की जान भी आतंकियों से बचाई है। सम्मान समारोह में पहला सम्मान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को मिला। उन्हें राष्ट्रपति कोविंद ने परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया। परम विशिष्ट सेवा मेडल की शुरुआत 1960 में की गई थी। देश में शांति के दौरान अनुकरणीय कार्य के लिए यह सम्मान दिया जाता है। राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति ने आर्मी चीफ के अलावा 19 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को भी परम विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा है। इनके अतिरिक्त सेना और सीआरपीएफ के कुल 12 जवानों उनकी वीरता के लिए सम्मान मिला। तस्वीरों में देखें कौन-कौन से जवान हुए शौर्य चक्र से सम्मानित

इंडियन नेवी के कैप्टन पी. राजकुमार शौर्य चक्र का सम्मान मिला। उन्होंने 2017 में ओखी तूफान के दौरान त्रिवेंद्रम में राहत बचाव अभियान में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। उनके 30 मिनट के ऑपरेशन में तमाम लोगों की जानें बचाई गई थीं।

राष्ट्रीय राइफल्स 13 बटालियन के गनर रंजीत सिंह भी शौर्य चक्र से सम्मानित किए गए। इन्होंने एक साथ 6 आतंकियों का अकेले सामना किया था। जांघ में गोली लगने पर भी उन्होंने अपनी वीरता का परिचय दिया और एक आतंकी को ढेर किया और दो को बुरी तरह से घायल किया था। बाद में दो अन्य आतंकी सेना की ओर भागे लेकिन अन्य जवानों ने उन्हें भी ढेर कर दिया था।

गढ़वाल राइफल्स के मेजर आदित्य कुमार ने 2017 में एक गांव में 4 आतंकियों की सूचना मिलने पर अपने साथियों को तुरंत तैनात कर ऑपरेशन शुरु किया। उनकी घेराबंदी में 2 आतंकी ढेर हुए थे।

राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर पवन गौतम शौर्य चक्र से सम्मानित हए। उन्होंने 31 मार्च 2018 को आतंकियों की घेराबंदी कर उन्हें मार गिराया था। ये आतंकी सेना के दल पर हमला करने के दौरान ढेर हुए थे। इस बीच मेजर ने एक आतंकी को गोली से ढेर किया और अपने साथी को बचा लिया।



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