Menu

चीन के मुंह पर तमाचाः वीटो के बावजूद मसूद अजहर पर लगेगा बैन!

चीन के मुंह पर तमाचाः वीटो के बावजूद मसूद अजहर पर लगेगा बैन!
पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची से बचाने का अपराध करने के बाद अब चीन दुनिया में मुंह दिखाने काबिल नहीं बचा है। क्योंकि यूनाईटेड नेशंस के चार्टर के मुताबिक जो देश या व्यक्ति आतंकियों अथवा आतंकियों को प्रश्रय देने वालों का समर्थन करते हैं वो भी आतंकियों की श्रेणी माने जायेंगे। अब चीन को लगने लगा है कि आतंकी मसूद अजहर का पक्ष लेने पर उस पर भी आतंकियों को प्रश्रय देने का आरोप लग सकता है। इसलिए चीन ने कहना शुरु कर दिया है कि वो प्रस्ताव के खिलाफ नहीं लेकिन इस मुद्दे पर विशद बात-चीत चाहता है। दरअसल इसके पीछे वजह यह है कि सेंक्शन कमेटी में प्रस्ताव गिरने के बाद यही प्रस्ताव परिषद के सामने भी लाया जायेगा। परिषद के 15 में से 11 सदस्य प्रस्ताव के पक्ष में हैं। और प्रावधान यह है कि अगर 9 सदस्य भी प्रस्ताव के पक्ष में होंगे तो चीन के वीटो के बावजूद मसूद अजहर पर बैन लग जायेगा। ऐसे हालात में चीन न मुंह दिखाने काबिल बचेगा और न पाकिस्तान। भारत के पास इस समय अमेरिका, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन जर्मनी के अलावा 7 और सदस्य देशों का समर्थन है। इसीलिए अमेरिका ने कहा है कि मसूद अजहर पर बैन तो लग कर रहेगा, भले ही चीन वीटो ही क्यों न लगा ले।

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने को लेकर लाए गए प्रस्ताव पर चीन ने बुधवार को अड़ंगा लगा दिया। चीन ने चौथी बार इस तरह के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगाया है। बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 कमेटी से मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कराने के लिए प्रस्ताव लेकर आए थे। चीन के विरोध के बावजूद मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करना संभव है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 9 सदस्यों की सहमति अगर मिल जाती है तो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 27 के मुताबिक मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने पर फैसला हो सकता है। इसका साफ मतलब है कि अगर सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में से 9 सदस्य देशों ने साथ दिया तो चीन के फैसले की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी। इस प्रकिया को अफरमेटिव एक्शन कहते हैं।

चीन ने फिलहाल मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव सेंक्शन कमिटी में अटकाया है, जो कि 1999 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रेजुलेशन 1267 के तहत बनी हुई कमिटी है। यह कमिटी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करती है। अब भारत सेंक्शन कमिटी के ऊपर सिक्योरिटी काउंसिल में जा सकता है और यहां 15 में से अगर 9 सदस्य देश किसी प्रस्ताव के पक्ष में वोट करते हैं तो उसपर फैसला किया जा सकता है। भारत के दुश्मन नंबर एक जैश सरगना आतंकी मसूद अजहर को चीन ने एक बार फिर ग्लोबल आतंकी की लिस्ट में शामिल होने से बुधवार को बचा लिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन मसूद अहजर के खिलाफ सबूतों के अभाव की बात कहते हुए चौथी बार अपने वीटो का प्रयोग किया। चीन ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों के प्रस्ताव को होल्ड पर रखने की बात कही। भारत ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। वीटो अधिकार प्राप्त देश चाहते हैं कि चीन अपनी टेक्निकल रोक हटालें, ताकि वीटो का अस्तित्व बना रहे है वरना सुरक्षा परिषद में उसके वीटो का प्रभाव ही खत्म हो जायेगा।

Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Cancel reply
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *