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107 प्रमुख तमिल बुध्दिजीवियों ने पीएम मोदी को दुबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए जनता से की अपील

107 प्रमुख तमिल बुध्दिजीवियों ने पीएम मोदी को दुबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए जनता से की अपील
लोकसभा चुनाव शुरू हो चुके हैं। इस चुनाव का एक चरण बीत भी चुका है। सभी पार्टियां अपनी अपनी प्रचंड जीत का दावा कर रही हैं। इसी बीच सिनेमा, इतिहास, आदि अलग अलग क्षेत्रों से जुड़े प्रख्यात बुध्दिजीवियों ने भी जनता से अपील करनी शुरू कर दी है कि जनता फलाने पार्टी को वोट न देकर फलाने पार्टी वोट दे। हाल ही में 700 बुध्दिजीवियों ने एक खुला पत्र लिखकर जनता से प्रधानमंत्री मोदी को वोट न देने की अपील की थी, जिसके जवाब में 907 बुद्धिजीवियों ने जनता से पुनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता में वापस कराने की अपील की थी।

अब 109 प्रमुख तमिल बुद्धिजीवियों ने जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट देकर फिर से प्रधानमंत्री बनाने की अपील की है। इनमें साहित्यकार वैज्ञानिक, कलाकार, लेखक, रिटायर्ड जज और शिक्षाविद् जैसे प्रबुद्ध लोग शामिल हैं। एक तथाकथित बुध्दिजीवियों की धारणा यह है कि बीजेपी का दक्षिण भारत में कोई खास जनाधार नहीं है। पहले यही धारणा उत्तर पूर्व भारत में भी बीजेपी को लेकर थी, लेकिन आज वहां प्रधानमंत्री मोदी का परचम लहरा रहा है। यहाँ पर यह ध्यान देने वाली बात है कि इन लोगों द्वारा मोदी सरकार के कामकाज का विवरण दे कर जनता से समर्थन मांगा गया है।

तमिल बुद्धजीवियों ने जनता को पहले मोदी सरकार कामकाज गिनवाएं हैं। जैसे- उज्जवला योजना, शौचलयों का निर्माण, गर्भवती महिलाओं को २६ हफ्ते की छुट्टी, हर घर बिजली, आदि। इन सबके अलावा मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार से लड़ने लिए जो कदम उठाये हैं, उस पर भी ध्यान खींचा गया है। बुद्धजीवियों ने आयुष्मान भारत की भी भूरि भूरि प्रशंसा की है और इसको दुनिया का सबसे बड़ा सोशल सिक्योरिटी स्कीम बताया है। इस अपील में यह भी कहा गया है कि भारत दुनिया की छठवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था प्रधानमंत्री मोदी के ही शासनकाल में बनी।

बता दें कि सांस्कृतिक मंत्रालय ने तमिलनाडु के कांचीपुरम और वेलनकन्नी को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया है। तमिलनाडु में पहला AIIMS स्थापित करने का प्रयास चल रहा है। तथ्यों के साथ अपने इस अपील से इन बुद्धिजीवियों ने जनता का ध्यान भारत की आतंरिक और बाह्य सुरक्षा की तरफ खींचा है। इनका कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार ने बेहतरीन उपाय किए हैं। हज यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की संख्या में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गयी है। बुद्धिजीवियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का भी जिक्र किया है, जिसके तहत शहरी एवं ग्रामीण गरीबों को मुफ्त में घर बनवाने के लिए पैसे दिए जा रहे हैं।

प्रमुख पत्रकार मालन ने प्रेस कांफ्रेंस करके जनता से मोदी सरकार को दुबारा सत्ता में लाने की अपील की। जानीमानी विदुषी डॉ. सरस्वती रामनाथन ने मोदी सरकार के महिला सम्मान कार्यक्रम, स्वच्छ भारत अभियान और उज्ज्वला योजना की तारीफ की।

यहाँ पर यह ध्यान देना चाहिए कि इन तमिल बुद्धिजीवियों ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा दे कर जनता का समर्थन माँगा है। इन्होंने कोई हवाई बातें नहीं की हैं, बल्कि जनता को सरकार के कामकाज के ठोस सबूत दे कर अपील की है। इसमें जनता से भावनात्मक अपील भी नहीं की गई है, जैसा कि कांग्रेस समर्थक करते हैं। कांग्रेस समर्थक कभी भी कांग्रेस सरकार की उपलब्धियां नहीं गिनाते, बल्कि अमूर्त विचारों को सामने रख कर जनता से कांग्रेस का समर्थन करने को कहते हैं। वे हमेशा ऐसी बातें रखते है, जिनको मापने का कोई पैमाना नहीं है।

वे तथाकथित बुद्धजीवी अक्सर जनता का ‘ब्रेनवॉश’ कर कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने की बात करते हैं। उनकी मानें तो कांग्रेस ही लोकतंत्र की असली रक्षक है और यदि कांग्रेस विपक्ष में रही, तो वास्तव में लोकतंत्र समाप्त हो जाएगा। उनके हिसाब से तो देश में हर वक्त खतरा ही मंडराता रहता है, देश में अभिव्यक्ति की आज़दी छीन ली जाती है। सहिष्णता समाप्त हो जाती, अल्पसंख्यकों के अधिकार छीन लिए जाते हैं। कुल मिलाकर उनका अभियान काफी हद तक नकारात्मक होता है। लेकिन मालन और डॉ. रामनाथन जैसे प्रबुद्ध वर्ग के व्यक्तियों ने ऐसा नहीं किया। उनका अपील बिल्कुल सकारात्मक है।


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